उत्तराखंड पुलिस के नाम बड़ी उपलब्धि, राष्ट्रपति पुलिस निशान पाने वाला देश का 16वां राज्य बना

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस को उसकी 25 वर्षों की सेवा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान से सम्मानित किया गया है। शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस परेड का निरीक्षण करने के बाद यह सम्मान प्रदान किया। इसके साथ ही उत्तराखंड यह प्रतिष्ठित अलंकरण हासिल करने वाला देश का 16वां राज्य बन गया।

समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देवभूमि में चारधाम यात्रा, कुंभ और पर्यटन गतिविधियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालना बड़ी जिम्मेदारी है। प्राकृतिक आपदाओं और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पुलिसकर्मी जिस समर्पण से काम करते हैं, वह उनकी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलना प्रदेश के प्रत्येक पुलिस अधिकारी और जवान के लिए गर्व का अवसर है।

नए आपराधिक कानूनों और तकनीक पर जोर

अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस जांच में फॉरेंसिक विज्ञान, आधुनिक तकनीक और डिजिटल व्यवस्था का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मई 2027 के बाद दर्ज होने वाले मामलों में तीन साल के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुलिस, अभियोजन और न्यायालयों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।

गृह मंत्री ने ड्यूटी के दौरान प्राण गंवाने वाले उत्तराखंड पुलिस के 206 जवानों को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय करीब 13 हजार जवानों से शुरू हुआ पुलिस बल अब 26 हजार से अधिक कर्मियों तक पहुंच चुका है। आपदा प्रबंधन, राहत-बचाव, साइबर अपराध और नशे के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस की भूमिका का भी उन्होंने उल्लेख किया।

नशे के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस खिलाड़ियों की उपलब्धि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में पुलिस ने सात हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 307 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। उन्होंने ऑपरेशन स्माइल और ऑपरेशन मुक्ति के तहत किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

वहीं, अमित शाह ने विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में उत्तराखंड पुलिस के खिलाड़ियों द्वारा 37 पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के साथ भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

धामी ने बताया पुलिस की सेवा और समर्पण का सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति पुलिस निशान को उत्तराखंड पुलिस के साहस, अनुशासन और जनसेवा की राष्ट्रीय मान्यता बताया। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय पुलिस के पास 96 थाने और 42 चौकियां थीं, जबकि आज 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा में तैनात हैं। उन्होंने देश की पहली महिला पुलिस महानिदेशक स्वर्गीय कंचन चौधरी भट्टाचार्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस का इतिहास कई उपलब्धियों से जुड़ा है। वर्तमान में बल में महिलाओं की भागीदारी लगभग 14 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था के साथ चारधाम यात्रा, यातायात प्रबंधन, पर्यटन और आपदा राहत जैसे महत्वपूर्ण मोर्चों पर भी जिम्मेदारी निभा रही है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर और नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पदक से सम्मानित किया गया

समारोह में विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को राष्ट्रपति पदक प्रदान किया गया। सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट और सेवानिवृत्त उप निरीक्षक अभिसूचना सौहकार पुण्डीर को सम्मानित किया गया।

इस दौरान अमित शाह और मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड पुलिस के विशेष डाक आवरण तथा पुलिस पत्रिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि जनता के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी को और मजबूत करने वाला प्रतीक है।

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