TMP: अल्मोड़ा के हवालबाग ब्लॉक का फलसीमा गांव पिछले कई दिनों से खौफ के साए में जी रहा था। दिन ढलते ही सन्नाटा छा जाता और हर आहट पर लोगों की सांसें थम जाती थीं। गांव में सक्रिय नर गुलदार ने कई मवेशियों को अपना शिकार बनाकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी थी।
आखिरकार छह दिन बाद रविवार सुबह वह पल आया, जब गांव वालों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से तलाश में जुटा गुलदार वन विभाग के लगाए पिंजरे में कैद हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार गुलदार की सक्रियता इतनी बढ़ चुकी थी कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी डरने लगे थे। बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर घरों में ही रहने को मजबूर होना पड़ रहा था। हालात को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की थी, जिसके बाद गांव में पिंजरा लगाया गया।
रविवार सुबह ग्रामीणों ने गुलदार को पिंजरे में फंसा देखा और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण किया। वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम आर्या ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार नर है और उसकी उम्र करीब पांच से छह वर्ष आंकी गई है। आगे की कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण नियमों के अनुसार की जा रही है।
नगर क्षेत्र में भी सतर्कता
फलसीमा में गुलदार के पकड़े जाने के बाद भी अल्मोड़ा नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खतरा पूरी तरह टला नहीं है। वन विभाग ने एहतियातन पुलिस लाइन और मटेला गांव में भी पिंजरे लगाए हैं। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही इन क्षेत्रों में भी गुलदार को पकड़ लिया जाएगा, जिससे लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
