नई दिल्ली: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान ने अपनी कार्रवाई तेज करने का संकेत दिया है। पेरिस में 26 से 30 अक्टूबर 2026 के बीच होने वाली FATF प्लेनरी बैठक से पहले पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अजहर को अपनी 2026 की हाई-प्रोफाइल मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में बरकरार रखते हुए उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया है।
एक तरफ इनाम, दूसरी तरफ अजहर के ठिकाने पर सवाल
FIA की रेड बुक में मसूद अजहर को शामिल किया गया है। वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद संबंधी सूची में भी नामित है।
पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि अजहर देश में नहीं है और अफगानिस्तान में मौजूद हो सकता है। हालांकि, इस दावे पर सवाल भी उठते रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, तालिबान ने अफगानिस्तान में अजहर की मौजूदगी से जुड़े दावों को खारिज किया है। वहीं, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के हवाले से उसके पाकिस्तान में छिपे होने के दावे सामने आते रहे हैं।
भारत के कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा नाम
मसूद अजहर और उसके संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। इनमें 2001 का संसद हमला, पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा हमला प्रमुख हैं।
1999 में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान IC-814 के अपहरण के बाद भारत को कंधार में बंधकों की रिहाई के बदले मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को छोड़ना पड़ा था। रिहाई के बाद उसने जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया।
ऑपरेशन सिंदूर में बहावलपुर ठिकाना भी निशाने पर
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था। कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बहावलपुर के ठिकाने को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
मसूद अजहर के परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के मारे जाने संबंधी दावे भी सामने आए, हालांकि ऐसे दावों को संबंधित स्रोतों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
FIA की सूची में आतंकियों की संख्या बढ़ी
पाकिस्तान की अपनी मोस्ट वांटेड सूची में भी आतंकियों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक FIA की 2021 की रेड बुक में 1,330 नाम थे, जबकि 2026 की सूची में यह संख्या बढ़कर 1,804 बताई गई है।
यानी एक तरफ पाकिस्तान मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का संदेश दे रहा है, तो दूसरी तरफ उसकी अपनी सूची में वांछित आतंकियों की बढ़ती संख्या उसके सामने मौजूद सुरक्षा चुनौती पर सवाल खड़े करती है।
