शोध से बनेगी उत्तराखंड की विकास नीति, CM धामी ने योजनाओं की वार्षिक मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड के भविष्य की विकास रणनीति को शोध और डेटा आधारित बनाने पर राज्य सरकार ने जोर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (USCPPGG) की शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि राज्य की जरूरतों और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप किए जा रहे शोध के निष्कर्षों का इस्तेमाल सीधे नीतियों और योजनाओं में किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट परिस्थितियों, चुनौतियों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने योजनाओं के नियमित मूल्यांकन और उनके लक्ष्यों की हर साल मॉनिटरिंग करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

विश्वविद्यालयों के छात्रों को रिसर्च के लिए स्टाइपेंड

बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रत्येक वर्ष 10 स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को कैपस्टोन परियोजनाओं के लिए स्टाइपेंड देने पर सहमति बनी। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य की प्राथमिकता वाले विषयों पर शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की केस स्टडी तैयार करने तथा विश्वविद्यालयों को राज्य की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े शोध में सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।

आठ क्षेत्रों पर होगा विशेष शोध

बैठक में राज्य के भावी विकास से जुड़े आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर विस्तृत अध्ययन कराने का सुझाव दिया गया। सदस्यों ने हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम उत्पादों, MSME, पर्वतीय क्षेत्रों में होम टूरिज्म, मृदा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

होम टूरिज्म को बढ़ावा देने से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

योजनाओं की सिर्फ घोषणा नहीं, परिणामों का भी मूल्यांकन

बैठक में योजनाओं और नीतियों की प्रभावशीलता जांचने के लिए नियमित मूल्यांकन की जरूरत बताई गई। लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वार्षिक मॉनिटरिंग टारगेट निर्धारित करने और समय-समय पर नीतियों की समीक्षा करने पर जोर दिया गया।

ब्लॉक स्तर तक अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास को मजबूत करने की बात भी कही गई, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

विकसित उत्तराखंड-2047 पर फोकस

बैठक में विकसित उत्तराखंड-2047 की दिशा में राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति पर भी मंथन हुआ। आर्थिक विकास और रोजगार, मानव संसाधन एवं कल्याण, वन एवं जैव विविधता, जलवायु अनुकूलन, अवस्थापना विकास, क्षेत्रीय विकास और तकनीक आधारित सुशासन जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण माना गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत विकास के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।

‘Uttarakhand at 25’ पुस्तक का विमोचन

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘Uttarakhand at 25: A Himalayan State with Infinite Possibilities’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में उत्तराखंड के गठन के बाद की 25 वर्षों की विकास यात्रा और राज्य की संभावनाओं को समाहित किया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के क्षेत्र में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने शासी निकाय के सदस्यों से प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर उपयोगी प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

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