देहरादून: राजधानी में प्रवेश से ठीक पहले मोहब्बेवाला का इलाका भारी वाहनों के लिए लगातार जोखिम भरा साबित हो रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रक और ट्राले मोहंड की लंबी चढ़ाई पार करने के बाद जैसे ही इस ढलान पर उतरते हैं, कई बार नियंत्रण खो देते हैं और हादसे हो जाते हैं।
पिछले घटनाक्रमों में सबसे बड़ा कारण ब्रेक का जवाब दे जाना सामने आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ढलान पर लगातार ब्रेक लगाने से सिस्टम तेजी से गर्म होता है और कुछ ही मिनटों में उसकी पकड़ कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में चालक ब्रेक दबाता तो रहता है, लेकिन वाहन की रफ्तार कम नहीं होती।
तकनीकी जानकार बताते हैं कि भारी वाहनों में लगे एयर ब्रेक ज्यादा दबाव और तापमान में अपनी क्षमता खो देते हैं। समस्या तब और बढ़ जाती है जब चालक ढलान पर वाहन को न्यूट्रल या ऊंचे गियर में छोड़ देता है—इससे इंजन की पकड़ खत्म हो जाती है और गाड़ी तेजी से नीचे खिंचने लगती है।
खतरे की मुख्य वजहें
- मोहंड की चढ़ाई के तुरंत बाद तीखी ढलान
- शहर में एंट्री के पास बढ़ता ट्रैफिक दबाव
- देर से स्पीड कंट्रोल करना
- रास्ते में कट और अचानक ब्रेकिंग की स्थिति
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
- ब्रेक ड्रम का तापमान बहुत ज्यादा होने पर घर्षण घट जाता है
- ब्रेक शू घिसे हों या एयर प्रेशर कम हो तो जोखिम बढ़ता है
- लंबे सफर के बाद बिना जांच के वाहन चलाना खतरनाक
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सुझाव
- ढलान से पहले ही लो गियर में आ जाएं
- ब्रेक को लगातार दबाने के बजाय रुक-रुक कर इस्तेमाल करें
- एयर प्रेशर गेज पर नजर रखें
- लंबी दूरी के बाद ब्रेक सिस्टम जरूर चेक कराएं
जरूरी सुधार
विशेषज्ञों की राय है कि मोहब्बेवाला में अर्ली वार्निंग साइन, स्पीड कंट्रोल सिस्टम और रनअवे लेन बनाई जाएं, ताकि अनियंत्रित वाहनों को सुरक्षित रोका जा सके। फिलहाल यह ढलान देहरादून में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों के लिए सबसे संवेदनशील बिंदुओं में गिनी जा रही है।
