युवाओं से CM धामी का सीधा संवाद, 34 हजार सरकारी नौकरियों से लेकर सीमांत क्षेत्रों तक खुलकर बोले

 

 

 

खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सनातन धर्मशाला परिसर स्थित सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्रों ने रोजगार, पर्यटन, पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और सीमांत क्षेत्रों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने बेबाकी से जवाब दिया।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। रिश्वत मांगने या अनुचित दबाव बनाने की शिकायत टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए मामलों की जांच की जाती है।

34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी

सरकारी रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने युवाओं से अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया।

सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की पहचान

सीमांत क्षेत्रों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये देश के अंतिम गांव नहीं, बल्कि भारत के प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं। ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण

पर्यावरण से जुड़े सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा सबसे बड़ी धरोहर है। सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम करते हुए आगे बढ़ेगी और आपदा प्रबंधन को भी मजबूत किया जा रहा है।

पर्यटन में तेजी, 7-8 करोड़ से ज्यादा पर्यटक

मुख्यमंत्री ने बताया कि बेहतर सड़क, हवाई कनेक्टिविटी और होमस्टे सुविधाओं से पर्यटन को नई गति मिली है। चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वार्षिक पर्यटकों की संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है।

कार्यक्रम में करीब 18 विद्यालयों के 360 विद्यार्थियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत न पड़े।

 
(Visited 32 times, 28 visits today)