नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर अपलोड किया गया एक वीडियो सोमवार को कुछ समय के लिए अचानक उपलब्ध नहीं रहा। वीडियो हटने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। हालांकि, मामला तूल पकड़ने से पहले ही Meta ने सफाई देते हुए कहा कि यह किसी कानूनी आदेश की वजह से नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म में आई अस्थायी तकनीकी समस्या का परिणाम था।
बताया गया कि वीडियो 23 जुलाई को साझा किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री ने युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। वीडियो को लाखों लोग देख चुके थे।
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वीडियो के अनुपलब्ध होने पर कुछ यूजर्स को एक नोटिस दिखाई दिया, जिसमें कानूनी प्रतिबंध का उल्लेख था। इसी के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गईं और कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
Meta ने बाद में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वीडियो पर कोई कानूनी रोक नहीं लगाई गई थी। कंपनी के अनुसार, तकनीकी गड़बड़ी के कारण वीडियो अस्थायी रूप से हट गया था, जिसे समस्या दूर होते ही दोबारा बहाल कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तकनीकी त्रुटियां भी किस तरह कुछ ही मिनटों में बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं।
