₹16 करोड़ का पुल… और पहली ही बारिश में बैठ गई नींव! सवालों के घेरे में निर्माण की गुणवत्ता

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में बारिश ने एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया नया पुल पहली ही भारी बारिश में धंस गया।

विडंबना यह है कि कुछ दिन पहले ही इस पुल पर यातायात शुरू कराया गया था। इससे पहले इसी स्थान पर बनी अस्थायी पुलिया भी तेज बहाव में बह गई थी, जिसके बाद नए पुल को स्थायी समाधान बताया गया था। लेकिन पहली ही बड़ी बारिश ने उस दावे की पोल खोल दी।

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अब सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल इतनी जल्दी कैसे क्षतिग्रस्त हो गया? क्या निर्माण में गुणवत्ता से समझौता हुआ या फिर तकनीकी मानकों का सही पालन नहीं किया गया? इन सवालों के जवाब का इंतजार सिर्फ स्थानीय लोगों को ही नहीं, बल्कि उन हजारों यात्रियों को भी है जो रोज इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।

लोक निर्माण विभाग ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन लोगों का कहना है कि सिर्फ जांच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। पहाड़ में पुल केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी और आवाजाही का आधार होते हैं। ऐसे में हर बार बारिश के बाद करोड़ों की परियोजनाओं पर सवाल उठना व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।

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