उत्तराखंड में EPFO से जुड़े 7.74 लाख सदस्य, ‘संवेदना’ मॉडल पूरे जोन में होगा लागू

 

 

 

देहरादून: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय के. मेहरा ने शुक्रवार को देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उत्तराखंड क्षेत्र की उपलब्धियों और संगठन की नई पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान और 7,74,377 अंशदायी सदस्य ईपीएफओ से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी दावों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण किया जा रहा है। क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उन्होंने विशेष रूप से ‘संवेदना’ सेल की प्रशंसा की। यह पहल कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के अंतर्गत आने वाले मृत्यु दावों के त्वरित, संवेदनशील और त्रुटिरहित निस्तारण के लिए शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल को अब पूरे जोन में लागू किया जाएगा।

PMVBRY से मिलेंगे करोड़ों रोजगार के अवसर

अजय के. मेहरा ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की जानकारी देते हुए बताया कि यह भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना है।

उन्होंने बताया कि 99,446 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ युवा ऐसे होंगे, जो पहली बार औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बनेंगे। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू होगी तथा विनिर्माण क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है।

EPF निकासी के नियम हुए आसान

उन्होंने बताया कि ईपीएफओ ने सदस्यों की सुविधा के लिए आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के नियमों को सरल और उदार बनाया है। अब 13 जटिल प्रावधानों को समाहित कर तीन श्रेणियों—आवश्यक जरूरतें, आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां—में व्यवस्थित किया गया है।

नए नियमों के तहत:

  • शिक्षा के लिए 10 बार तक आंशिक निकासी की अनुमति होगी।
  • विवाह के लिए 5 बार तक निकासी की जा सकेगी।
  • सभी प्रकार की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि घटाकर 12 माह कर दी गई है।
  • सदस्यों को अपने अंशदान का कम से कम 25 प्रतिशत भविष्य निधि खाते में बनाए रखना होगा, जिससे उन्हें बेहतर ब्याज और मजबूत सेवानिवृत्ति कोष का लाभ मिल सके।

CITES सिस्टम से होगी तेज और पारदर्शी सेवाएं

अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने CITES (Centralised IT Enabled System) की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल प्रणाली प्रक्रियाओं के सरलीकरण और स्वचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे दावों के निस्तारण में तेजी आएगी, शिकायतों का समयबद्ध समाधान होगा और सेवाएं अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनेंगी।

इस अवसर पर वेल्हम बॉयज़ स्कूल, देहरादून से जुड़े कई वर्षों से लंबित EDLI Exemption प्रकरण का भी सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। अजय के. मेहरा ने विद्यालय की प्राचार्य संगीता कैन को EDLI Exemption Order सौंपा।

 
 
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