चम्पावत: मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन आनन्द बर्द्धन दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को एनएचपीसी बनबसा हेलीपैड पहुँचे। वहाँ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
इसके पश्चात एनएचपीसी सभागार, बनबसा में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने चम्पावत जनपद में संचालित प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया। बैठक में शारदा कॉरिडोर, इनलैण्ड पोर्ट अथॉरिटी, टनकपुर–बागेश्वर रेलवे लाइन, बाढ़ प्रबंधन कार्य, टनकपुर व बनबसा वाटर सप्लाई स्कीम, आईएसबीटी टनकपुर निर्माण तथा ब्रिडकुल द्वारा निर्मित की जा रही पुल परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
शारदा रिवर फ्रंट और रोपवे परियोजना पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने शारदा रिवर फ्रंट एवं उससे जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्णागिरि रोपवे परियोजना को शारदा कॉरिडोर से समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही रोपवे निर्माण कंपनी को प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा।
टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन का विस्तार अल्मोड़ा तक
टनकपुर–बागेश्वर रेलवे लाइन परियोजना के संबंध में मुख्य सचिव ने चम्पावत और लोहाघाट के साथ-साथ अल्मोड़ा को भी जोड़ने हेतु विस्तृत एलाइंमेंट तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे कुमाऊं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूती मिल सके।
बाढ़ सुरक्षा कार्यों में कम लागत के प्रभावी मॉडल अपनाने के निर्देश
बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को पारंपरिक तरीकों से हटकर कम लागत में अधिक प्रभावी प्रोटेक्शन मॉडल अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने 5 करोड़ रुपये से कम लागत वाले कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा के माध्यम से शीघ्र अनुमोदित कर त्वरित गति से क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने डिप्टेश्वर और कुर्मू झील परियोजनाओं की प्रगति के साथ-साथ टनकपुर व बनबसा वाटर सप्लाई योजनाओं, आईएसबीटी टनकपुर तथा ब्रिडकुल द्वारा बनाए जा रहे पुलों की प्रगति में और तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए।
