TMP: उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार उद्यान विभाग को स्थाई विभागीय निदेशक मिला है। लंबे इंतजार और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद राकेश कुमार सिंह को निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति को विभाग के लिए बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
अब तक उद्यान विभाग में निदेशक पद पर प्रतिनियुक्ति या अन्य सेवाओं के अधिकारियों की तैनाती होती रही, लेकिन विभागीय स्तर पर किसी स्थाई अधिकारी को यह जिम्मेदारी नहीं मिल पाई थी। पहली बार विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारी को स्थाई तौर पर निदेशक बनाया गया है।
राकेश Kumar Singh को अपर निदेशक पद से पदोन्नत करते हुए निदेशक नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि वे काफी समय पहले ही इस पद के लिए पात्रता पूरी कर चुके थे, लेकिन प्रशासनिक फाइलों की धीमी प्रक्रिया के चलते आदेश जारी होने में देरी हुई। शासन से आदेश जारी होने के बाद उन्होंने विधिवत कार्यभार भी संभाल लिया है।
उत्तराखंड में बड़ी आबादी खेती और बागवानी से जुड़ी हुई है। उद्यान विभाग फल उत्पादन, फूलों की खेती, पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन, औषधीय पौधों और आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित योजनाओं का संचालन करता है। ऐसे में लंबे समय से विभाग को ऐसे अधिकारी की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसे विभागीय कार्यप्रणाली और तकनीकी चुनौतियों की गहरी समझ हो।
राकेश कुमार सिंह विभागीय पृष्ठभूमि से आते हैं और उन्हें उद्यान क्षेत्र का लंबा अनुभव है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में विभागीय योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। वहीं, विभागीय कर्मचारियों और किसान संगठनों को भी इस नियुक्ति से नई उम्मीदें जगी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी समझ रखने वाला स्थाई निदेशक मिलने से उद्यान विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।
