नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान वर्ष 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित महाकुंभ के आयोजन की तैयारियों और नमामि गंगे से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाला हरिद्वार महाकुंभ एक वैश्विक स्तर का धार्मिक आयोजन होगा, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा की स्वच्छता, निर्मलता और अविरलता बनाए रखना राज्य और केंद्र दोनों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत प्रस्तावित ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया, ताकि समय रहते सभी आवश्यक कार्य पूर्ण किए जा सकें।
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष बाढ़ सुरक्षा से जुड़े ₹253 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी देने का आग्रह भी किया। इसके साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त धनराशि जारी करने और इकबालपुर नहर प्रणाली के साथ-साथ कनखल व जगजीतपुर नहर की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नहर क्षमता विस्तार के बाद सिंचाई के लिए लगभग 665 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे हरिद्वार जिले के भगवानपुर और लक्सर क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। इस परियोजना से करीब 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है, साथ ही क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार महाकुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक रूप दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के माध्यम से गंगा संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्य को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
