BJP के सातों मोर्चों की प्रदेश टीम को मिला अंतिम रूप, 15 जनवरी तक जिला-मंडल स्तर पर भी गठन पूरा: महेंद्र भट्ट

 

 

 

 

देहरादून: भाजपा प्रदेश नेतृत्व द्वारा संगठन के सभी सातों मोर्चों की राज्य स्तरीय टीम को अंतिम रूप दे दिया गया है। साथ ही आगामी जनवरी के मध्य तक जिला एवं मंडल स्तर पर भी मोर्चा टीमों के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। यह जानकारी प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित बैठक के उपरांत दी।

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि पार्टी मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में संगठन विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत एवं तरुण बंसल प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक में सभी सातों मोर्चों के प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्षों से संवाद कर उनकी प्रदेश टीम और जिलाध्यक्षों की सूची को अंतिम रूप दिया गया।

बैठक के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि सभी मोर्चों की टीमों पर मंथन पूर्ण हो चुका है और एक-दो दिन के भीतर औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 15 जनवरी तक पार्टी के जिला एवं मंडल स्तर पर भी सभी टीमें हर हाल में गठित कर ली जाएंगी।

इस दौरान भट्ट ने विपक्ष द्वारा कुंभ और अर्धकुंभ के नाम को लेकर की जा रही बयानबाजी को निरर्थक एवं बेबुनियादी बताया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति का यह सबसे बड़ा समागम चाहे 6 वर्ष में हो या 12 वर्ष में, इसे कुंभ ही कहा जाता है। नाम की शब्दावली में उलझना अनावश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बार हरिद्वार कुंभ की व्यवस्थाएं 12 वर्ष के कुंभ के स्तर पर कर रही है, ताकि अनुमानित करोड़ों श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि सनातन विरोधी पार्टी को इस विषय पर अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कुछ नेताओं द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के गायन के विरोध को भी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि संविधान में उल्लेखित इस गीत को गाकर ही देश ने आजादी की लड़ाई लड़ी है और आज भी हर आंदोलन की अलख इसी से जगती है। ऐसे में इसका विरोध करना राष्ट्र भावना पर प्रश्नचिह्न लगाने जैसा है। उन्होंने कहा कि भारत माता की वंदना करना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है।

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