नानकमत्ता में जनजाति गौरव दिवस पर सीएम धामी की बड़ी सौगात: कॉलेज शिलान्यास, भवन लोकार्पण और 7 महत्वपूर्ण घोषणाएं

 

 

 

नानकमत्ता: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नानकमत्ता में भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 9.68 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय नानकमत्ता का शिलान्यास किया, साथ ही नगर निकाय श्री नानकमत्ता के 1 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नए भवन का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री की 7 बड़ी घोषणाएं

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्र और जनजाति समाज के विकास के लिए निम्नलिखित सात घोषणाएं की—

  1. साधु नगर स्थित कैलाश नदी पर पुल का निर्माण

  2. राय सिख भवन के लिए धनराशि अवमुक्त करना

  3. नानकमत्ता बांध को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना

  4. सनातन धर्म उत्थान समिति के भवन एवं मंदिर निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध कराना

  5. ज्ञानपुर–बरकीडण्डी–औदली–डोहरी–एस्था बी–देवीपुरा–गिधौर परसैनी–बैलपड़ाव को जोड़ने वाले सड़क मार्ग का डामरीकरण

  6. पर्वतीय उत्थान समिति के अतिरिक्त कक्ष के लिए धनराशि प्रदान करना

  7. खटीमा के नवनिर्मित बस स्टैंड का नाम ‘महाराणा प्रताप’ रखना

मुख्यमंत्री धामी ने भगवान बिरसा मुण्डा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह दिन जनजाति समाज की गौरवशाली परंपरा, संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण करने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा ने अल्प आयु में स्वतंत्रता, स्वाधिकार और आत्मसम्मान की ऐसी चेतना जगाई, जिसने पूरे जनजाति समाज को एकजुट किया और एक नई दिशा दी।

सीएम धामी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया जाना ऐतिहासिक निर्णय है।

उन्होंने बताया—

  • प्रधानमंत्री द्वारा 200 करोड़ से अधिक की लागत से देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय बनाए जा रहे हैं।

  • देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, जनजाति समाज के गौरव का प्रतीक हैं।

  • मोदी सरकार ने जनजाति विकास बजट को तीन गुना बढ़ाया है

  • एकलव्य मॉडल स्कूल, प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान, वन-धन योजना, जनजाति विकास मिशन जैसी योजनाओं ने समाज को नई ऊर्जा दी है।

उत्तराखंड में जनजाति विकास कार्यों की तेज रफ्तार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भी आदिवासी जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया—

  • 128 जनजाति गांव प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान में चयनित किए गए हैं।

  • 4 आवासीय एकलव्य मॉडल स्कूल—कालसी, मेहरवाना, बाजपुर और खटीमा—संचालित हैं।

  • चकराता और बाजपुर में दो नए एकलव्य विद्यालयों का निर्माण तेजी से जारी है।

  • प्राइमरी से स्नातकोत्तर तक जनजाति छात्रों को छात्रवृत्ति, और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है।

  • जनजाति समाज की बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।

  • जनजाति शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ का कोरप्रेस फंड बनाया गया है।

  • जनजाति संस्कृति के संरक्षण के लिए हर वर्ष राज्य जनजाति महोत्सव एवं खेल महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं।

  • प्रदेश में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय और 3 आईटीआई कॉलेज जनजाति युवाओं को शिक्षा व तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

कार्यक्रम में विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

(Visited 910 times, 1 visits today)