रिखणीखाल में सीएम धामी ने 102 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

 

 

 

पौड़ी गढ़वाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने 102.82 करोड़ रुपये की 11 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ रुपये की लागत से 6 योजनाओं का लोकार्पण और 46.24 करोड़ रुपये की लागत से 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा।

शहीदों के सम्मान में नई घोषणाएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का क्षण है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा, “शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। साथ ही, परमवीर चक्र और अन्य पुरस्कार विजेताओं की सम्मान राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है और भूमि क्रय पर सैनिकों को 25 प्रतिशत तक स्टांप ड्यूटी छूट दी गई है। अब तक 28 शहीद परिजनों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है, जबकि 13 मामलों की प्रक्रिया जारी है।

रिखणीखाल में कई विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर रिखणीखाल क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम श्री गुणानंद के नाम पर रखने की घोषणा की। साथ ही प्रेक्षागृह, लो०नि०वि० अतिथि गृह, हैलीपैड, पशु सेवा केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और विभिन्न पंपिंग योजनाओं के निर्माण की घोषणा की।

इसके अलावा, क्षेत्र के कई मोटर मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण और सुधार कार्यों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय सड़कों का नामकरण किया जाएगा

स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और ओखली में धान कूटा, सिलबट्टे पर चटनी पीसी, और मट्ठा बिलाया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी उत्पादों की मांग देश-दुनिया में तेजी से बढ़ रही है और लोगों को स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करनी चाहिए।

‘वन रैंक वन पेंशन’ और सैन्य धाम का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए वन रैंक वन पेंशन जैसी ऐतिहासिक योजना लागू कर चुकी है। उन्होंने बताया कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम का लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा।

उन्होंने पौड़ी जिले के अन्य विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा, जनरल बिपिन रावत पार्क, सतपुली झील और चारधाम पैदल मार्ग का पुनर्निर्माण जैसे कार्य प्रगति पर हैं।

‘सरकार क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर कर रही विकास’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास की दिशा में कार्य कर रही है। दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय सुशासन की मिसाल हैं।”

स्थानीय प्रतिनिधियों और सेना का आभार

विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि भव्य सैन्य धाम से राज्य का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रिखणीखाल जैसी वीर भूमि हमें सदैव प्रेरित करती है।

कार्यक्रम में एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क किया जा सकता है।

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