देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालन हेतु गठित एम्पावर्ड समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में नर्सिंग शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
समिति ने विभिन्न मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेजों को नर्सिंग कोर्स संचालन एवं सीट वृद्धि की संस्तुति दी। इस निर्णय से स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित नर्सिंग जनशक्ति की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
सिंगल विंडो सिस्टम की तैयारी
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिए कि नर्सिंग कोर्स संचालन हेतु संस्थानों के आवेदनों की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि अब तक आवेदनों की प्रक्रिया विभिन्न स्तरों पर लंबी और जटिल रही है, जिसे यह प्रणाली समाप्त करेगी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को तत्काल इस दिशा में कार्य शुरू करने और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और स्पष्ट हो सके।
1790 नई नर्सिंग सीटों को स्वीकृति
बैठक में समिति द्वारा 39 कॉलेजों में 1790 नई नर्सिंग सीटों को संस्तुति प्रदान की गई। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि स्टेट नर्सिंग काउंसिल में वर्ष 2024 तक पंजीकृत नर्सों की संख्या 21,541 है। वर्तमान में सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों में 9,806 प्रशिक्षु नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
