सहकारिता आंदोलन ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का प्रेरक सूत्र : मुख्यमंत्री धामी

 

 

 

 

श्रीनगर (गढ़वाल): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आवास विकास मैदान श्रीनगर में आयोजित नौ दिवसीय सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया। उन्होंने विभिन्न विभागों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और उत्पादों को बाजार से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का आधार बन चुका है। यह समाज को जोड़ने और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने का माध्यम है। यह मेला महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 को विश्व सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है और केंद्र सरकार ने सहकारी से समृद्धि के लक्ष्य को साकार करने के लिए अलग सहकारी मंत्रालय का गठन किया है।

उन्होंने बताया कि अब तक 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण हो चुका है, जबकि 13 जिलों की 5511 समितियों में से 3838 समितियों के अभिलेख राष्ट्रीय सहकारी पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडुवा की खरीद में 5.50 रुपये प्रति किलो की वृद्धि कर अब इसे ₹48.86 प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है।

किसानों को 3 लाख रुपये तक और महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये की पूंजी जमा है, जो जनता के विश्वास का प्रमाण है।

महिलाओं को नई दिशा दे रहा “लखपति दीदी” अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है और “लखपति दीदी” अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी के कथन — “इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” — को अपने गुणवत्तापूर्ण उत्पादों से साकार कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। नकल माफियाओं पर सख्त कानून लागू कर अब तक 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है

उन्होंने कहा कि श्रीनगर की सीवर लाइन और पेयजल आपूर्ति योजना की डीपीआर स्वीकृति के बाद जल्द लागू की जाएगी, जिससे नगर में 15 घंटे तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

सहकारिता से जुड़ेंगे 50 लाख लोग

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान में 31 लाख लोग सहकारिता से जुड़े हैं, जिसे 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि सहकारिता के माध्यम से 16 लाख किसानों को शून्य ब्याज पर ऋण वितरित किया गया है। मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों ने 35 लाख रुपये का व्यापार किया, जबकि कुल कारोबार एक करोड़ रुपये के करीब पहुंचा। उन्होंने कहा कि इस समय कॉपरेटिव सेक्टर 30 करोड़ रुपये के लाभ में है और “लखपति दीदी” योजना महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ रही है।

मुख्यमंत्री ने समूहों को दिए प्रोत्साहन चेक

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रुपये के चेक प्रदान किए।

साथ ही कृषि यंत्रों के लिए दो सहकारी समितियों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई।

गुच्छी उत्पादन तकनीक के लिए नवीन पटवाल को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

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