देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयदशमी पर्व के अवसर पर देहरादून परेड ग्राउंड में आयोजित दशहरा महोत्सव एवं रावण दहन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस मौके पर उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीराम से सभी के लिए स्वस्थ जीवन, उज्ज्वल भविष्य, सुख और समृद्धि की प्रार्थना की।
धर्म और सत्य का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दशहरा केवल सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा ही नहीं, बल्कि यह पर्व धर्म, सत्य और मर्यादा के महत्व का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि रावण के पास अपार बल और सोने की लंका होते हुए भी वह अपने अहंकार और अधर्म के कारण पराजित हुआ। यह त्योहार हमें सिखाता है कि अहंकार की ज्वाला स्वयं उसी व्यक्ति का नाश करती है, जिसके भीतर अहंकार होता है।
उन्होंने कहा कि दशहरे के अवसर पर केवल पुतला दहन करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि हमें अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
समाज में मौजूद “आधुनिक रावण”
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में आज भी कई तरह के ‘‘रावण’’ मौजूद हैं, जिनका संहार करना आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि लोग इस पर्व से प्रेरणा लेकर बुराइयों के खिलाफ संघर्ष करें और अच्छे मूल्यों को अपनाएं।
जीएसटी फैसले पर व्यापारियों और उपभोक्ताओं को लाभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के हालिया जीएसटी फैसले की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से उत्तराखंड सहित देशभर के व्यापारियों और उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ मिलेगा। दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय प्रदेशवासियों के लिए एक सुखद और लाभकारी तोहफा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे फैसले देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायक होंगे।
आत्मनिर्भर भारत और उत्तराखंड का दशक
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विजयदशमी के अवसर पर सभी उत्तराखंडवासी यह संकल्प लें कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विश्व गुरु भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देंगे।
उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने केदारनाथ धाम से यह संकल्प व्यक्त किया था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रदेश के हर नागरिक की है।
सक्रिय भागीदारी से बनेगा अग्रणी राज्य
सीएम धामी ने कहा कि शिक्षा, पर्यटन, उद्योग, कृषि या स्वरोजगार—हर क्षेत्र में उत्तराखंडवासियों की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश जल्द ही देश का अग्रणी राज्य बनेगा। राज्य सरकार आत्मनिर्भर उत्तराखंड और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
एकजुटता का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के सपनों और संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड पूरे देश और विश्व के लिए एक आदर्श राज्य बन सके।
