– मानसून सत्र में आपदा पर चर्चा तक नहीं
भराड़ीसैंण (गैरसैंण): विधानसभा भवन में सोमवार को शुरू हुआ मानसून सत्र महज दो घंटे 40 मिनट की कार्यवाही के बाद हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच ही समाप्त हो गया। 19 अगस्त को सुबह 11 बजे सत्र की शुरुआत होते ही विपक्ष ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया और देखते ही देखते सदन में हंगामा शुरू हो गया, जो सत्र की समाप्ति तक जारी रहा।
सरकार ने जरूरी विधायी कामकाज तो निपटाया, लेकिन विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। इस दौरान सदन की वेल में विपक्षी विधायकों का बिस्तर लगाकर रात बिताना भी चर्चाओं में रहा।
डेढ़ दिन में लौटे विधायक
सत्र को पहले 22 अगस्त तक चलाने की घोषणा की गई थी, लेकिन मात्र डेढ़ दिन में ही कार्यवाही खत्म हो गई। गैरसैंण पहुंचे विधायक जल्दबाजी में वापस लौट आए, जिससे जनता में भी सवाल उठ रहे हैं।
आपदा पर चर्चा नहीं
सबसे बड़ी बात यह रही कि इस मानसून सत्र में राज्य की आपदा जैसी गंभीर समस्या पर एक भी चर्चा नहीं हो पाई। प्रदेशभर में अतिवृष्टि और आपदा से जनजीवन प्रभावित है, लेकिन सदन में इस पर कोई विमर्श न होना विपक्ष और सरकार दोनों के लिए सवाल खड़े कर रहा है।
