सीएम धामी ने लिया निर्मल गंगा का संकल्प, नदियों को ‘मां’ का दर्जा देने की अपील

 

 

हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सफल चार वर्ष के कार्यकाल की पूर्ति पर शुक्रवार को हर की पौड़ी, ब्रह्मकुंड में मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर आयोजित “नदी उत्सव कार्यक्रम” के जरिए मुख्यमंत्री ने नदियों की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर प्रदेशभर में एक नई सोच और संकल्प का संचार किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक जीवन की धुरी हैं।” उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय संकटों का समाधान नदी संरक्षण में बताया और नागरिकों से नदियों को ‘मां’ का दर्जा देकर सम्मान करने की अपील की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, श्रद्धालु और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर नदियों को स्वच्छ रखने और प्रदूषण से बचाने का संकल्प भी लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है कि वह नदियों को निर्मल बनाए रखने में सहयोग करे।

इस भावनात्मक और प्रेरणादायक आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रुहेला, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित रहे।

श्री गंगा सभा की ओर से मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। मां गंगा की पूजा आचार्य अमित शास्त्री द्वारा वैदिक रीति से संपन्न कराई गई।

मुख्यमंत्री धामी की यह पहल केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का आह्वान है — एक ऐसा संकल्प, जो नदियों की रक्षा के साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित करेगा।

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