टिहरी: टिहरी जिले के गजा क्षेत्र में मंगलवार को पहली बार आयोजित ‘गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2025’ का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा में आयोजित इस महोत्सव की शुरुआत मुख्यमंत्री ने घण्टाकर्ण मंदिर में पूजा-अर्चना से की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारी शहीद बेलमती चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव “हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम” हैं। उन्होंने गजा स्थित प्राचीन घण्टाकर्ण मंदिर की धार्मिक महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे बद्रीनाथ के परिक्रमा पथ के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण परिक्रमा बताया। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक व पर्यटन स्थल से हिमालय और हरिद्वार के दुर्लभ दर्शन होते हैं, जो इसे विशेष बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महोत्सव के बहाने क्षेत्रीय विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। उन्होंने 30 करोड़ की लागत से बन रहे पॉलीटेक्निक, 24 करोड़ की हेंवलघाटी पम्पिंग पेयजल योजना, नगर पंचायत कार्यालय, विश्राम गृह, गौशाला समेत कई विकास कार्यों का उल्लेख किया। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और हाउस ऑफ हिमालय जैसे ब्रांड्स के अंतर्गत कारीगरों को जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय महिलाएं अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि “यदि गांव और जनपद विकसित होंगे, तो उत्तराखंड विकसित होगा और भारत विश्वगुरु बनेगा।” मुख्यमंत्री ने केदारनाथ और बद्रीनाथ पुनर्निर्माण, अयोध्या राम मंदिर, उज्जैन महाकाल कॉरिडोर सहित राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भी चर्चा की।
राज्य की हालिया उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उन्होंने समान नागरिक संहिता कानून (UCC), नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, और सख्त भू-कानून को मील का पत्थर बताया। उन्होंने बताया कि अब तक 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे जा चुके हैं और 23,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल चुका है।
इस मौके पर तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन आ रहा है।
महोत्सव में स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, लोकनृत्य, नाटक और झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि “उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परिधान को हमें गर्व के साथ आगे बढ़ाना है। हमारी माताएं और बहनें विदेशों में भी इसे जीवित रखे हुए हैं।”
महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से लोगों को जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री ने एमबीबीएस, IIT, NIT और भारतीय नौसेना में चयनित स्थानीय मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। उन्होंने शहीद विक्रम सिंह नेगी के गांव की सड़क को उनके नाम पर करने की घोषणा भी की।
