देहरादून/हल्द्वानी/मसूरी: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भारत में गुस्से की लहर तेज हो गई है। 10 दिसंबर, मंगलवार को उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में विशाल जनसभाओं और विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
हिंदूवादी संगठनों का आक्रोश: बांग्लादेश के खिलाफ जमकर नारेबाजी
हल्द्वानी में आयोजित विशाल जनसभा में कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति से बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। उनके अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं, और हिंदू धार्मिक स्थलों को भी तोड़ा जा रहा है।
रैलियां और ज्ञापन: बांग्लादेश के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी में जनसभा के बाद प्रदर्शनकारी एमबी इंटर कॉलेज से बड़े जुलूस के रूप में निकले और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों की कड़ी निंदा की।
देहरादून में भी विभिन्न संगठनों द्वारा एक आक्रोश रैली का आयोजन किया गया, जिसमें पलटन बाजार और अन्य प्रमुख इलाकों में प्रदर्शन किया गया। रैली के बाद ज्ञापन भेजकर बांग्लादेश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
रुद्रप्रयाग में पुतला दहन: बांग्लादेश के खिलाफ भारत का विरोध जारी
रुद्रप्रयाग के गुप्तकाशी में हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन करते हुए बांग्लादेशी सामानों का बहिष्कार करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर तिरंगे का अपमान और हिंदुओं पर हमले जारी रहे तो भारतीय सरकार को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मसूरी में बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन
मसूरी में भी बजरंग दल ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का विरोध करते हुए आक्रोश रैली निकाली। रैली में बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और हिंदू धर्मस्थलों को सुरक्षित रखने की अपील की गई।