डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को नये विशेषज्ञ चिकित्सक मिलने से विशेष कर पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेगी। अब आम लोगों को बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है|
आपको बता दें कि अब स्वास्थ्य विभाग को 36 विशेषज्ञ चिकित्सक मिल गये हैं। पी.एम.एच.एस संवर्ग के इन चिकित्साधिकारियों को पीजी कोर्स पूर्ण करने के उपरांत शासन ने विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में प्रदेशभर के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में नवीन तैनाती दे दी है। विभाग को विशेषज्ञ चिकित्सक मिलने से जहां एक ओर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 36 विशेषज्ञ चिकित्सकों की खेप मिल गई है। पी.एम.एच.एस संवर्ग के इन चिकित्साधिकारियों को पीजी कोर्स करने के लिये दो वर्ष पूर्व विभाग द्वारा अनुमति प्रदान की गई थी। अब इन चिकित्सकों का पीजी कोर्स पूर्ण होने पर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष चिकित्सक के तौर पर प्रदेश के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में इन्हें नवीन तैनाती प्रदान दी है। जिनमें से अधिकतर विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय जनपदों के राजकीय चिकित्सालयों में तैनात किया है। इन विशेष चिकित्सकों में जनरल मेडिसिन के 07, रेस्पिरेटरी मेडिसिन 01, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट 02, ईएनटी 03, जनरल सर्जरी 07, पीडियाट्रिक एवं एमडी पैथोलॉजी 03-03, डी-ऑर्थो एवं गायनी 01-01, कम्युनिटी मेडिसिन 02, आई स्पेशलिस्ट 01, ऑप्टोमोलॉजिस्ट 01 तथा पैथोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजिस्ट के 02-02 विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल है।
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