नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद धर्मेंद्र प्रधान जब पहली बार संसद पहुंचे, तो नजारा किसी सामान्य सांसद के स्वागत का नहीं, बल्कि ताकत के सार्वजनिक प्रदर्शन जैसा दिखा। संसद परिसर में भाजपा और एनडीए सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे सियासी गलियारों में नए कयास शुरू हो गए हैं।
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