TMP : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक और बड़ा कमाल कर दिखाया है। अंतरिक्ष में जीवन की संभावनाओं पर काम कर रहे वैज्ञानिकों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। इसरो ने स्पेस में लोबिया के बीजों को अंकुरित करने में सफलता पाई है, और जल्द ही इनमें पत्तियां निकलने की उम्मीद है।
स्पेस में जीवन का आरंभ
30 दिसंबर को इसरो ने अपने PSLV-C60 रॉकेट से SpaDeX (Space Docking Experiment) मिशन के तहत लोबिया के बीजों को ‘कंपैक्ट रिसर्च मॉड्यूल फॉर ऑर्बिटल प्लांट स्टडीज’ (CROPS) में भेजा। चार दिनों के भीतर ये बीज अंकुरित हो गए। इसरो ने इस खबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए लिखा, “स्पेस में जीवन का आरंभ! VSSC का CROPS प्रयोग PSLV-C60 POEM-4 पर सफलतापूर्वक हुआ। चार दिन में लोबिया के बीजों में अंकुरण हुआ और पत्तियां जल्द ही निकलने की उम्मीद है।”
https://x.com/isro/status/1875464259557322884
क्यों है यह खोज अहम?
इस प्रयोग के जरिए वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अंतरिक्ष में पौधों को किस तरह उगाया जा सकता है। इस जानकारी से लंबे अंतरिक्ष अभियानों, जैसे मंगल और अन्य ग्रहों पर मिशन, में मदद मिलेगी। यह खोज न केवल अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ताजे भोजन की संभावना बढ़ाती है, बल्कि मंगल और चांद जैसे ग्रहों पर खेती के सपने को भी साकार कर सकती है।
क्या है SpaDeX मिशन?
SpaDeX मिशन के तहत इसरो ने 229 टन वजनी PSLV-C60 रॉकेट से दो छोटे उपग्रहों को 470 किलोमीटर की ऊंचाई पर प्रक्षेपित किया। इन उपग्रहों का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग प्रक्रियाओं का परीक्षण करना है।
आने वाले बड़े मिशन का आधार
SpaDeX मिशन की यह सफलता भारत के भविष्य के महत्वाकांक्षी अभियानों की नींव रखेगी। इसमें शामिल हैं:
- चंद्रयान-4 मिशन
- भारत का अपना स्पेस स्टेशन स्थापित करना
- चांद पर भारतीय यात्रियों के कदम रखने का सपना
इसरो की यह उपलब्धि न केवल विज्ञान जगत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह साबित करती है कि भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह सिर्फ शुरुआत है, अंतरिक्ष में हरियाली का सपना जल्द ही साकार होगा।