देहरादून : पौड़ी गढ़वाल में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में खामियों पर गंभीर रुख अपनाया है। हादसे में घायलों को पौड़ी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान आई अव्यवस्थाओं की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पौड़ी जिलाधिकारी से इस मामले में तुरंत रिपोर्ट तलब की और अस्पताल में आपातकालीन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
पीड़ितों के लिए आर्थिक राहत का ऐलान
मुख्यमंत्री धामी ने इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख और गंभीर रूप से घायलों को ₹1-1 लाख की आर्थिक सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य होगी।
अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
मुख्यमंत्री ने इस घटना से उपजी स्वास्थ्य सुविधाओं की खामियों पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड के हर अस्पताल में जरूरी दवाइयों, मेडिकल स्टाफ और बुनियादी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि अस्पतालों में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे गंभीर मरीजों और घायलों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
लापरवाहों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पौड़ी अस्पताल में अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “जो लोग अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी।”
परिवहन विभाग भी घेरे में
हादसे के कारणों की जांच के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस दुर्घटना की विस्तृत जांच कराई जाए और यदि परिवहन विभाग की लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत नेटवर्क विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि हर अस्पताल में हर समय जरूरी सुविधाएं मौजूद हों, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।”
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी” – CM धामी
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “यह सरकार जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसी घटनाओं के बाद भी अगर स्वास्थ्य सुविधाओं में खामियां रहती हैं, तो इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
इस घटनाक्रम ने पौड़ी अस्पताल ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए इस सख्त रुख से उम्मीद है कि आने वाले समय में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुदृढ़ और भरोसेमंद बनेंगी।
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