देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का गुनियाल गांव कल एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां से “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का शुभारंभ करेंगे, जो 29 मई से 12 जून 2025 तक देशभर में चलाया जाएगा। यह अभियान न केवल कृषि नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि किसानों को वैज्ञानिक सोच, तकनीक और आधुनिक पद्धतियों से जोड़ने का भी कार्य करेगा।
क्या है “विकसित कृषि संकल्प अभियान”?
यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परिचित कराना है। उत्तराखंड में इसका शुभारंभ गुनियाल गांव से हो रहा है – जो कृषि परिवर्तन के प्रतीक स्थल के रूप में चुना गया है।
मंत्री गणेश जोशी ने लिया तैयारियों का जायजा
कार्यक्रम से एक दिन पहले कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गुनियाल गांव पहुंचकर आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समयबद्ध और समर्पित ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा:
“यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि कृषि के क्षेत्र में एक नई सोच और समर्पण की शुरुआत है। इसमें किसानों, विशेषज्ञों और नागरिकों को श्रेष्ठ अनुभव मिलना चाहिए।”
आयोजन से जुड़ी खास बातें:
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कार्यक्रम में राज्यभर के किसान, कृषि विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के अधिकारी भाग लेंगे।
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मुख्यमंत्री धामी स्वयं अभियान की शुरुआत करेंगे, जिससे राज्य सरकार की कृषि क्षेत्र के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता उजागर होती है।
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किसानों के लिए प्रदर्शनी, तकनीकी सत्र, और सीधे संवाद की व्यवस्थाएं की गई हैं।
क्यों है यह अभियान खास?
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में खेती अक्सर पारंपरिक तरीकों तक सीमित रही है। “विकसित कृषि संकल्प अभियान” इस सोच को आधुनिक, टिकाऊ और मुनाफे वाली खेती की दिशा में मोड़ने का प्रयास है।
यह अभियान:
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उत्पादन बढ़ाने की तकनीकें बताएगा,
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मृदा स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, और जैविक खेती को बढ़ावा देगा,
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और किसानों को नवीनतम बाजार संभावनाओं से जोड़ेगा।
