देहरादून: पहाड़ों की रानी मसूरी अब आधुनिकता की राह पर एक नए सफर की शुरुआत करने जा रही है। राज्य सरकार ने मसूरी की जर्जर होती बुनियादी ढांचे, ट्रैफिक जाम और सीमित सुविधाओं की समस्या से निपटने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। सचिवालय में गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मसूरी के कायाकल्प के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाए जाएं।
यातायात जाम से राहत की दिशा में मजबूत कदम
मुख्य सचिव ने मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव को गंभीर चुनौती मानते हुए वैकल्पिक मार्गों के सुधारीकरण जैसे झड़ीपानी रोड, कैमल्स बैक रोड, लंढौर और खट्टापानी रोड के चौड़ीकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही नगर पालिका को इन सड़कों की मरम्मत हेतु आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की बात कही गई।
गोल्फ कार्ट सेवा फिर से होगी चालू
मॉल रोड पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने और स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों को राहत देने के लिए पूर्व में संचालित गोल्फ कार्ट सेवा को पुनः शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं, रोपवे के जरिये इंटरनल कनेक्टिविटी विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
मुख्य सचिव ने मसूरी को एक नए पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित करने की मंशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि झड़ीपानी फॉल, शिखर फॉल, मॉसी फॉल जैसे प्राकृतिक स्थलों को विकसित किया जाए और मसूरी के आसपास नए ट्रेक रूट्स व पर्यटन गंतव्यों की पहचान कर उन्हें संरचित किया जाए। इसके लिए अलग से गंतव्यों की सूची तैयार करने को कहा गया है।
स्मार्ट और सस्टेनेबल शहर की ओर
मसूरी को स्मार्ट बनाने की दिशा में सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाने, फास्टैग आधारित ईको-टोल टैक्स कलेक्शन शुरू करने और नए पार्किंग स्थलों की पहचान के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पार्किंग स्थलों का निर्माण इस तरह हो कि न तो क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो और न ही दृश्यावलोकन।
