आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, स्कूलों और पेयजल योजनाओं की होगी जल्द मरम्मत, अधिकारियों को निर्देश

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त बुनियादी सुविधाओं को फिर से बहाल करने की कवायद तेज हो गई है। बंद सड़कों को खोलने, पेयजल आपूर्ति सुचारू करने और क्षतिग्रस्त स्कूलों व नहरों की मरम्मत को लेकर अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला और लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने शुक्रवार को विभिन्न जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुकसान और पुनर्बहाली कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया।

बंद सड़कों और पेयजल योजनाओं पर फोकस

बैठक में आपदा के कारण अवरुद्ध सड़कों की जनपदवार स्थिति पर चर्चा हुई। विनय रुहेला ने निर्देश दिए कि बंद मार्गों को जल्द यातायात के लिए खोला जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क बहाल होना इसलिए जरूरी है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री, जरूरी सेवाएं और अन्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।

इसके साथ ही आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति जल्द सामान्य की जाए और मरम्मत योग्य योजनाओं को प्राथमिकता से दुरुस्त किया जाए।

बाढ़ सुरक्षा कार्यों में देरी न करने के निर्देश

बैठक में संवेदनशील इलाकों में बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को जरूरी सुरक्षात्मक और पुनर्निर्माण कार्य तय समय में पूरे करने को कहा गया। जिन परियोजनाओं के लिए शासन की स्वीकृति जरूरी है, उनके प्रस्ताव सभी औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।

ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने कहा कि विभिन्न विभागों से आने वाले मरम्मत और पुनर्निर्माण प्रस्तावों का परीक्षण तेजी से किया जाए, ताकि स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने में देरी न हो।

स्कूलों की क्षतिग्रस्त इमारतों की भी होगी मरम्मत

आपदा से प्रभावित विद्यालयों की स्थिति पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। क्षतिग्रस्त भवनों के साथ स्कूलों में पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं को हुए नुकसान की जानकारी ली गई।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों की आवश्यक सुविधाएं जल्द बहाल की जाएं और भवनों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

वहीं आपदा से क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत जल्द पूरी करने को कहा गया, जिससे सिंचाई व्यवस्था सुचारू रहे और किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

ओलावृष्टि से फसल नुकसान का भी लिया संज्ञान

समीक्षा बैठक में हाल के दिनों में हुई ओलावृष्टि से कृषि और अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आकलन जल्द पूरा करने और नियमानुसार प्रभावित लोगों तक राहत एवं सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में दोनों उपाध्यक्षों ने स्पष्ट किया कि आपदा के बाद पुनर्बहाली के काम केवल कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित न रहें, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सुविधाओं को जमीन पर जल्द बहाल किया जाए।

 
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