उत्तराखंड में 29 हजार नई MSME इकाइयां, 1.27 लाख युवाओं को रोजगार: CM धामी

 

 

 

 

हरिद्वार: उत्तराखंड में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की नीतियों के परिणाम सामने आने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित 7वें CII उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 में कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में 29 हजार से अधिक नई MSME इकाइयां स्थापित हुई हैं और इनके जरिए करीब 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए केवल नियामक की भूमिका में नहीं रहना चाहती, बल्कि उद्यमियों के साथ सहयोगी और सहभागी के तौर पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य उद्योगों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और आसान व्यवस्था तैयार करना है।

206 से ज्यादा सेवाएं ऑनलाइन

निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य में ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करते हुए 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सरकार का दावा है कि इससे उद्योग स्थापित करने और जरूरी सरकारी प्रक्रियाओं को पूरा करने में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिल रही है।

स्टार्टअप के लिए ₹200 करोड़ का वेंचर फंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने पर सरकार का विशेष जोर है। इसके लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है और स्टार्टअप को वित्तीय सहायता देने के लिए ₹200 करोड़ के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।

खुरपिया में 1,002 एकड़ का मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

राज्य में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में करीब 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक यह परियोजना निवेश के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पहाड़ों में भी उद्योगों का विस्तार

सरकार औद्योगिक विकास को केवल मैदानी जिलों तक सीमित नहीं रखना चाहती। मुख्यमंत्री ने बताया कि चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

हरिद्वार में छोटे उद्यमियों के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है। इसी तरह भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

फार्मा से ऑटो-कंपोनेंट तक कई सेक्टरों पर फोकस

उत्तराखंड में फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों को उभरते औद्योगिक सेक्टर के तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।

कनेक्टिविटी से उद्योगों को मिल रहा सपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार से उत्तराखंड में उद्योग और कारोबार के लिए माहौल बेहतर हुआ है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और चारधाम सड़क परियोजना जैसी योजनाओं से लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बिजनेस रिफॉर्म में ‘टॉप अचीवर्स’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उनके अनुसार उत्तराखंड को बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। वहीं एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में भी राज्य ने अपनी श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है।

उन्होंने उद्योग जगत और निवेशकों से उत्तराखंड में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने और राज्य में निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने में भागीदार बनने का आह्वान किया।

पुलिस जवानों से भी मिले CM धामी

इंडस्ट्रियल समिट में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर प्रशिक्षण ले रहे पुलिस जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों से प्रशिक्षण और उनकी तैयारियों की जानकारी ली तथा उन्हें पूरी लगन और समर्पण के साथ दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्योगों को गुणवत्ता और नवाचार के साथ आगे बढ़ना होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

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