देहरादून: आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करते हुए लोकतंत्र की रक्षा में उनके योगदान को भारत के इतिहास का अमर अध्याय बताया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आपातकाल का दौर भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय था, जब संविधान को रौंदकर नागरिक अधिकारों को कुचला गया और प्रेस की आज़ादी छीन ली गई। उन्होंने आपातकाल के दौरान राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक चेतना जगाने वाले लोकतंत्र सेनानियों को “महानायक” करार देते हुए श्री नरेंद्र कुमार मित्तल, श्री रणजीत सिंह जुयाल सहित 10 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया।
“एक परिवार की तानाशाही नहीं दबा सकी लोकतंत्र की आवाज” – सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक परिवार की हठधर्मिता और सत्ता की लालसा ने लोकतंत्र को बंधक बनाने का काम किया, लेकिन जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, नानाजी देशमुख, जॉर्ज फर्नांडीज और चंद्रशेखर जैसे नेताओं की अगुवाई में यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी जनक्रांति में बदल गया।
उत्तराखंड के सपूतों की भूमिका भी रही ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के हर जिले में ऐसे वीर सपूत हुए जिन्होंने लोकतंत्र की लौ को जलाए रखा। बागेश्वर के चंद्र सिंह राठौर और पौड़ी के गोविंद राम ढींगरा जैसे अनेक उदाहरणों को उन्होंने मंच से याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती ने सदैव लोकतंत्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है।
आपातकाल की स्मृति नई पीढ़ी के लिए चेतावनी है
सीएम धामी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे आपातकाल के इतिहास को समझें, क्योंकि यह इतिहास हमें बताता है कि लोकतंत्र कितना मूल्यवान है और इसे बचाने के लिए क्या कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “संविधान हत्या दिवस” और नई पुस्तक “द इमरजेंसी डायरीज” से आज की पीढ़ी लोकतंत्र की सच्चाई से रूबरू हो सकेगी।
“लोकतंत्र सेनानियों का हित हमारी प्राथमिकता”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार न केवल लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करती है, बल्कि उनके कल्याण और समाज में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने हेतु हरसंभव कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को लोकतंत्र की आत्मा से जोड़ने में सहायक होंगे और उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा देंगे।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, लोकतंत्र सेनानी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तराखंड सरकार लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने के लिए सतत संकल्पित है।
