देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में राज्य के सभी जिलों की मानसून, अतिवृष्टि, चारधाम यात्रा, डेंगू नियंत्रण और आपदा प्रबंधन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से केवल बैठकों तक सीमित न रहकर ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने को कहा।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति की सूचना तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए। राहत एवं बचाव कार्यों में एक पल की भी देरी न हो तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और चारधाम यात्रा मार्गों पर पहले से जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, तकनीकी दल और आवश्यक संसाधन तैनात रखे जाएं।
44.65 लाख श्रद्धालुओं ने की चारधाम यात्रा
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक 44.65 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न और दवाओं का होगा अग्रिम भंडारण
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गंभीर मरीजों की विशेष निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर हेली सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
डेंगू पर युद्धस्तर पर अभियान
मुख्यमंत्री ने डेंगू रोकथाम को सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में बताते हुए सभी नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव, जलभराव की निकासी और स्वच्छता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पतालों में जांच किट, दवाइयों, रक्त, बेड और चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
15 सितंबर से शुरू होगा तीसरा चरण
मुख्यमंत्री ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इसका तीसरा चरण 15 सितंबर से नए स्वरूप में शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिविर केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि पात्र लोगों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ, प्रमाण पत्र, पेंशन, आयुष्मान कार्ड और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
15 अक्टूबर तक विकास कार्यों की रिपोर्ट मांगी
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में 15 अक्टूबर तक पूरे होने वाले विकास कार्यों की सूची और उनकी प्रगति रिपोर्ट तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले वर्ष की आपदाओं से जुड़े सभी पुनर्निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने और मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कराने को भी कहा।
पुलों का सेफ्टी ऑडिट और नालों की सफाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों की विशेष सफाई, तथा दूरस्थ इलाकों में वैकल्पिक संचार व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और सतपाल महाराज, आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिल्ला, मुख्य सचिव विनोद कुमार सुमन, सचिव विनय शंकर पांडे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
