पूर्व गृह मंत्रालय अधिकारी आरवीएस मणि का दावा- पाकिस्तानी खिलाड़ियों के जरिए होती थी ड्रग्स तस्करी

 

 

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के पूर्व सचिव आरवीएस मणि ने एक पॉडकास्ट में पाकिस्तान, ड्रग्स तस्करी और आतंकवाद से जुड़े कई गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ भारत दौरे के दौरान ड्रग्स लेकर आते थे।

एएनआई को दिए एक पॉडकास्ट में आरवीएस मणि ने कहा कि एक रिपोर्ट में यह उल्लेख था कि दोनों खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त के सामने ड्रग्स साथ लाने की बात स्वीकार की थी, जिसके बाद उन्हें वापस पाकिस्तान भेज दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत आने वाले कुछ पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडलों के जरिए ड्रग्स की तस्करी की जाती थी और इसे केवल व्यक्तिगत इस्तेमाल का मामला नहीं माना जा सकता।

साल 2006 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ को भारत से वापस भेजा गया था। सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, उसी वर्ष आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले दोनों खिलाड़ी डोपिंग टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ नैंड्रोलोन के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें निलंबित किया था, हालांकि बाद में प्रतिबंध हटा लिया गया था।

पूर्व अधिकारी ने पाकिस्तान टीम के पूर्व कोच बॉब वूल्मर की मौत का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि वह कथित तौर पर ड्रग्स तस्करी का विरोध कर रहे थे। हालांकि, बॉब वूल्मर की मौत की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई थी और आधिकारिक जांच में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई थी।

आरवीएस मणि ने आतंकवाद की फंडिंग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय भारत में होने वाले आतंकी हमलों की एक बड़ी हिस्सेदारी ड्रग्स तस्करी से मिलने वाले धन से होती थी और यह पाकिस्तान की नीति का हिस्सा था।

महत्वपूर्ण: यह सभी दावे पूर्व गृह मंत्रालय अधिकारी आरवीएस मणि के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 
 
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