सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बोले- कृषि, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण में नाबार्ड की भूमिका अहम

 

 

 

देहरादून: राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने अपने 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में भव्य समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत रहे। इस दौरान भारतीय रिजर्व बैंक, बैंकिंग संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs), सहकारी संस्थाओं और नाबार्ड के अधिकारियों ने भाग लिया।

समारोह में “ग्रामीण वित्तीय संस्थाओं द्वारा जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह में वृद्धि” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। साथ ही नाबार्ड की 45 वर्षों की विकास यात्रा और उत्तराखंड में वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियों को भी प्रस्तुत किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि नाबार्ड ने पिछले 45 वर्षों में कृषि, ग्रामीण विकास, जनजातीय क्षेत्रों के उत्थान और किसानों की आय बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी बैंकों और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय के इतिहास का सबसे सफल वर्ष रहा। इस दौरान राज्य को ₹5,061 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत अधिक है। सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को ₹4,179 करोड़ का पुनर्वित्त उपलब्ध कराया गया, जबकि ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) के तहत ₹743 करोड़ की स्वीकृति और ₹754 करोड़ का वितरण किया गया।

भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक हर्ष कुमार गौतम ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पलायन एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड कृषि, ग्रामीण उद्यमिता, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार एवं आय के अवसर बढ़ाकर इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण वित्तीय समावेशन, सहकारी बैंकिंग, कृषि विकास, जल एवं मृदा संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और कृषक उत्पादक संगठनों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।

समारोह के अंत में नाबार्ड के महाप्रबंधक शशि कुमार ने सभी अतिथियों और सहभागी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नाबार्ड आगे भी उत्तराखंड में कृषि, सहकारिता, ग्रामीण अवसंरचना और वित्तीय समावेशन को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

 
 
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