उत्तरकाशी: उत्तराखंड की आस्था के प्रमुख केंद्र गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। दोनों धामों के कपाट 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
गंगोत्री धाम में मां गंगा के स्वागत के लिए मंदिर को करीब 5 से 7 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है। वहीं, यमुनोत्री धाम में भी करीब 5 क्विंटल फूलों से मंदिर और शीतकालीन प्रवास स्थल को सजाने की तैयारी है।
डोली यात्रा का शुभारंभ
मां यमुना की डोली रविवार सुबह अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली से धाम के लिए प्रस्थान करेगी। इस दौरान शनि सोमेश्वर देवता की डोली भी साथ चलेगी और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे।
हाईवे मरम्मत में जुटा BRO
गंगोत्री हाईवे पर चड़ेथी, भटवाड़ी, गंगनानी, डबरानी और सोनगाड जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सीमा सड़क संगठन द्वारा मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है। बीते वर्ष भारी क्षति के बावजूद मार्ग को सुचारू बनाने की चुनौती के बीच कार्य जारी है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त
यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य विभाग ने पंजीकरण केंद्रों और स्वास्थ्य इकाइयों में डॉक्टरों व स्टाफ की तैनाती कर दी है। यमुनोत्री मार्ग के जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल रास्ते को भी सुरक्षित और सुगम बनाया जा रहा है।
यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं
यमुनोत्री मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के लिए रबाड़ा गेट, राम मंदिर और भंगेली गाड में सोलर वाटर हीटर से गर्म पानी की व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।
स्थानीय मंदिर समितियों के अनुसार, दोनों धामों में कपाट खुलने से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस दौरान क्षेत्र के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक उत्साह के साथ यात्रा में शामिल होंगे।