पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी: उत्तराखंड के 8 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 159 करोड़ रुपये

 

 

 

देहरादून: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी होने के साथ ही उत्तराखंड के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री द्वारा देशभर के किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि हस्तांतरित किए जाने के अवसर पर देहरादून के हिमालय सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के किसानों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस किस्त के तहत उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 159 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे पहुंची है। उन्होंने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के सबसे बड़े आधार हैं तथा उनकी समृद्धि सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी देखा। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना ने खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। वर्ष 2019 में राज्य के लगभग 4 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे थे, जबकि अब लाभार्थियों की संख्या दोगुनी होकर 8 लाख से अधिक हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही हैं। प्रदेश में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क किया गया है और किसानों की आय वृद्धि के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा आधुनिक पॉलीहाउस, प्राकृतिक खेती, नई बागवानी नीतियों और जलवायु अनुकूल कृषि परियोजनाओं के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में 115 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 350 से ज्यादा आधुनिक पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं, बदलते मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए 1000 करोड़ रुपये की लागत वाली क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू की गई हैं, जिनके तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही कोल्ड स्टोरेज, सीए स्टोरेज, कोल्ड चेन और मेगा फूड पार्क जैसी सुविधाओं का विस्तार कर किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और किसानों की मेहनत का ही परिणाम है कि उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

 
 
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