Site icon The Mountain People

राजाजी टाइगर रिजर्व के सभी सफारी गेट बंद, अब 15 नवंबर तक नहीं होंगे जंगल के दीदार

 

 

 

हरिद्वार: वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए बड़ी खबर है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध राजाजी टाइगर रिजर्व के सभी सफारी गेट 15 जून से आगामी 14 नवंबर तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। मानसून सीजन को देखते हुए हर वर्ष की तरह इस बार भी चीला, चिल्लावाली, रानीपुर और मोतीचूर रेंज में संचालित जिप्सी एवं हाथी सफारी पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।

वन विभाग के अनुसार यह निर्णय पर्यटकों की सुरक्षा, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और सफारी मार्गों के रखरखाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अब अगले पांच महीनों तक पर्यटक राजाजी के जंगलों में जिप्सी और एलीफेंट सफारी का आनंद नहीं ले सकेंगे।

राजाजी टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर साल हजारों पर्यटक बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरण और अन्य वन्यजीवों को प्राकृतिक परिवेश में देखने पहुंचते हैं। वर्ष 2026 के पर्यटन सत्र में चीला जोन पर्यटकों की सबसे पसंदीदा रेंज साबित हुई।

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में चीला गेट से करीब 20,245 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। इनमें 19,139 भारतीय और 1,106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। वहीं 334 पर्यटकों ने हाथी सफारी का भी अनुभव लिया, जिनमें 10 विदेशी सैलानी शामिल थे।

पर्यटन सत्र के दौरान चीला जोन में 5,559 जिप्सियों का प्रवेश दर्ज किया गया। इससे क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग को जिप्सी सफारी से लगभग 49.15 लाख रुपये और हाथी सफारी से 3.53 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

चीला रेंज के रेंज अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि मानसून के दौरान सफारी ट्रैक पर जलभराव, कटाव और फिसलन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा यह अवधि वन्यजीवों के प्रजनन और प्राकृतिक गतिविधियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मानव हस्तक्षेप को सीमित रखना आवश्यक होता है।

उन्होंने बताया कि गेट बंद रहने के दौरान वन विभाग सफारी मार्गों की मरम्मत, रखरखाव और पर्यटक सुविधाओं के उन्नयन का कार्य करेगा। सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद 15 नवंबर 2026 से चीला, चिल्लावाली, रानीपुर और मोतीचूर गेट दोबारा पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे।

वन्यजीव प्रेमियों को अब राजाजी टाइगर रिजर्व के रोमांचक सफारी अनुभव के लिए करीब पांच महीने का इंतजार करना होगा।

Exit mobile version