TMP: उत्तराखंड के चमोली जिले में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब जंगलों में लगी आग रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगी है। ताजा मामला जिला मुख्यालय गोपेश्वर का है, जहां नर्सिंग कॉलेज के पास जंगल में भड़की आग तेज हवाओं के चलते सड़क किनारे तक फैल गई। आग की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ा एक वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया।
घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। हालांकि बाद में आग पर काबू पाने की कार्रवाई जारी रही।
चमोली जिले में पिछले कई दिनों से जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक वनाग्नि का असर देखने को मिल रहा है। वन विभाग और प्रशासन के लिए आग पर नियंत्रण बड़ी चुनौती बना हुआ है।
वनाग्नि की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में गैरसैंण विकासखंड के आदिबदरी तहसील अंतर्गत बूंगा गांव में एक महिला की आग की चपेट में आने से मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार, 51 वर्षीय सुरेशी देवी मंगलवार शाम अपनी गौशाला की ओर जा रही थीं, तभी जंगल में लगी आग वहां तक पहुंच गई और वह गंभीर रूप से झुलस गईं। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
इधर, शाम के समय मौसम बदलने और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू होने से जंगलों में धधक रही आग कुछ हद तक शांत हुई है। बारिश से लोगों को गर्मी से भी राहत मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
