ईंधन बचत अभियान का असर: पीएम मोदी से लेकर राज्यों के मंत्रियों तक घटे वीवीआईपी काफिले

 

 

 

 

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती वैश्विक ईंधन कीमतों के बीच देशभर में ईंधन बचत अभियान का असर अब सरकारी तंत्र में साफ दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद केंद्र और राज्यों में वीवीआईपी काफिलों में शामिल गाड़ियों की संख्या कम करने की शुरुआत हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी की गई है। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के काफिलों को भी सीमित किया गया है।

भाजपा शासित राज्यों में भी दिखा असर

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों ने भी अपने सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने की घोषणा की है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता किए बिना यह कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सुरक्षा संभालने वाली Special Protection Group (एसपीजी) के अनुसार “ब्लू बुक” में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए काफिलों को अधिक तर्कसंगत बनाया जा रहा है।

सुरक्षा मानकों के भीतर होगा बदलाव

“ब्लू बुक” में वीवीआईपी सुरक्षा के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश निर्धारित होते हैं। अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था में सुरक्षा मानकों को बरकरार रखते हुए अनावश्यक वाहनों की संख्या कम की जा रही है।

इसके साथ ही सरकारी काफिलों में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए नई गाड़ियों की खरीद तत्काल नहीं की जाएगी।

आयातित तेल पर निर्भरता कम करने की कोशिश

सरकार की प्राथमिकता पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों और आयात बिल के दबाव को कम करना है। अधिकारियों के अनुसार यह पहल खर्च में कटौती नहीं बल्कि संसाधनों के “तर्कसंगत उपयोग” की दिशा में उठाया गया कदम है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकार पूंजीगत निवेश, सब्सिडी या कल्याणकारी योजनाओं में किसी तरह की कटौती नहीं कर रही है। विकास योजनाएं और जनकल्याण कार्यक्रम पहले की तरह जारी रहेंगे।

विदेशी निर्भरता कम करने पर जोर

सरकार का फोकस आयातित वस्तुओं और विदेशी मुद्रा आधारित सेवाओं पर गैरजरूरी निर्भरता घटाने पर भी है। इसके तहत सरकारी विभागों में संसाधनों के बेहतर उपयोग और ईंधन बचत को लेकर नई रणनीति बनाई जा रही है।

पीएम के काफिले में दिखा बदलाव

हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी के काफिले में बदलाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कैबिनेट बैठक के दौरान उनके काफिले में पहले की तुलना में काफी कम गाड़ियां नजर आईं।

सूत्रों के अनुसार असम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भी प्रधानमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या सीमित रखी गई थी। सुरक्षा कारणों से हालांकि इस संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

अब केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में भी सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन तैयार की जा रही है, ताकि ईंधन बचत और खर्चों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा सके।

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