थराली :उत्तराखंड के थराली के चेपड़ों गांव में शुक्रवार को शौर्य और बलिदान की मिसाल बने अशोक चक्र विजेता शहीद भवानी दत्त जोशी की स्मृति में आयोजित शौर्य महोत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शौर्य मेले को राजकीय मेला घोषित करने की घोषणा की और शहीद स्मारक के सौंदर्यीकरण हेतु बजट उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने शहीद भवानी दत्त जोशी को नमन करते हुए कहा, “ऑपरेशन ब्लू स्टार में दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा हमारी प्रेरणा रहेगा। यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि हम उनकी स्मृति में आयोजित मेले का हिस्सा बन सके।”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हाल ही में आतंकवादियों के खिलाफ हुए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का जिक्र करते हुए सख्त संदेश दिया, “अब अगर आतंकियों की तरफ से गोली चलेगी, तो जवाब गोले से दिया जाएगा। मोदी जी के नेतृत्व में सेना का मनोबल पहले से कहीं अधिक ऊंचा है।”
मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित—
कार्यक्रम में शहीद सतीश चंद्र के पिता महेशानंद, शहीद कृपा सिंह की पत्नी विमला देवी, शहीद हिम्मत सिंह के भाई अभय सिंह नेगी, और सरोजनी कोटड़ी को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने थराली में निर्माणाधीन पुल गिरने की घटना पर तीव्र नाराजगी जताई और तीन इंजीनियरों को तत्काल निलंबित करने की जानकारी दी। उन्होंने इसे “घोर लापरवाही” करार दिया।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि उत्तराखंड में अब सिर्फ निर्माण नहीं, नीतियों का भी कायाकल्प हो रहा है—चाहे समान नागरिक संहिता (UCC) हो, नकल विरोधी कानून या महिला सशक्तिकरण के प्रयास।
इस गरिमामयी आयोजन में राज्य मंत्री बलवीर घुनियाल, हरक सिंह नेगी, मेला अध्यक्ष बीरू जोशी, ले. कर्नल हरीश जोशी, विधायक भूपाल राम टमटा सहित प्रशासनिक और सैन्य अधिकारी तथा स्थानीय जनता बड़ी संख्या में उपस्थित रही।
