देहरादून/चमोली: मुख्यमंत्री धामी के समक्ष बुधवार को सचिवालय में बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस योजना के तहत बद्रीनाथ को एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘स्पिरिचुअल स्मार्ट हिल टाउन’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने बताया कि यह परियोजना बहु-आयामी और चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभव के साथ बेहतर सुविधाएं मिल सकें। योजना में धाम की आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को विशेष रूप से संरक्षित और उन्नत किया जा रहा है।
आस्था और आकर्षण का नया संगम
मास्टर प्लान के तहत ‘देव दर्शनी पॉइंट’ को इस तरह विकसित किया जा रहा है, जहां से श्रद्धालुओं को धाम के प्रथम दर्शन भव्य रूप में मिलेंगे। वहीं ‘बद्रीनारायण चौक’ को एक प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में तैयार किया जाएगा।
कला, संस्कृति और परंपरा पर जोर
आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला और धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्र बनाए जाएंगे, जबकि ‘वसुधा वाटिका’ के माध्यम से प्रकृति और पारंपरिक कला का सुंदर समन्वय दिखेगा।
धार्मिक प्रतीकों की भव्य झलक
परियोजना में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों—पाञ्चजन्य शंख, सुदर्शन चक्र, कौमोदकी गदा और वैकुंठ द्वार—की भव्य कलाकृतियां स्थापित की जाएंगी। साथ ही शेषनेत्र, पंचतत्व थीम और रामायण-महाभारत से जुड़े प्रतीकों को भी शामिल किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं के साथ स्ट्रीटस्कैप विकास
पूरे क्षेत्र में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल स्ट्रीटस्कैप विकसित किया जाएगा, जिसमें पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, साइनेज और सौंदर्यीकरण के कार्य शामिल होंगे। इसके अलावा दिया आरती स्थल को भी भव्य रूप दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को विशेष अनुभव मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना से बद्रीनाथ न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से सशक्त होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
यह मास्टर प्लान बद्रीनाथ को एक ऐसे आदर्श तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है, जहां आस्था, आधुनिकता और प्रकृति का संतुलित संगम दिखाई देगा।