देहरादून: CM धामी ने नॉर्थ ज़ोन रीजनल कॉन्फ्रेंस में प्रतिभाग करते हुए न्याय प्रणाली को और अधिक सुलभ व प्रभावी बनाने पर जोर दिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन का आज भव्य समापन हुआ। सम्मेलन का विषय “Enhancing Access to Justice” और मुख्य थीम “Justice Beyond Barriers” रही।
समापन सत्र में गुरमीत सिंह, सूर्यकांत, अर्जुन राम मेघवाल सहित उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायमूर्ति एवं विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। मनोज कुमार गुप्ता ने स्वागत संबोधन दिया और अतिथियों को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में न्याय तक पहुंच को आसान बनाने, वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा हुई। वन अधिकार अधिनियम, जेल सुधार, विचाराधीन बंदियों के अधिकार, एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास और महिलाओं-बच्चों के विधिक अधिकार जैसे अहम मुद्दों पर मंथन किया गया।
इस दौरान सूर्यकांत ने “न्याय मित्र पोर्टल” का शुभारंभ किया, जिससे आमजन ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे। वहीं विक्रम नाथ द्वारा ई-बुकलेट का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय व्यवस्था की सफलता तभी है जब न्याय समाज के अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचे। उन्होंने “जस्टिस बियॉन्ड बैरियर्स” की अवधारणा को महत्वपूर्ण बताते हुए न्याय प्रक्रिया को सरल और बाधारहित बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा और कारागार सुधार जैसे विषयों पर गंभीर चिंतन आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने NALSA की विभिन्न योजनाओं—वीर परिवार सहायता योजना, लीगल सर्विस क्लीनिक और जागरूकता अभियानों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ई-कोर्ट्स, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड और फास्ट ट्रैक कोर्ट्स जैसी पहल से न्याय प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाया जा रहा है। राज्य सरकार भी डिजिटल कोर्ट्स, ई-फाइलिंग और वर्चुअल हियरिंग को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव न्याय प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

