देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेत मिले नमक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच में सामने आया है कि मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना के तहत राशनकार्डधारकों को दिया जा रहा आयोडाइज्ड नमक पूरी तरह सुरक्षित और गुणवत्ता मानकों पर खरा है।
आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति चन्द्रेश कुमार ने बताया कि यह योजना जून 2024 से लागू है, जिसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के कार्डधारकों को हर महीने मात्र ₹8 प्रति किलो की दर से आयोडाइज्ड नमक उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसकी आपूर्ति की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (NCCF) को दी गई है। नमक की गुणवत्ता को लेकर विभाग ने एनसीसीएफ से परीक्षण रिपोर्ट मांगी थी।
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रक्षा खाद्य एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, मैसूर
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ITC लैब्स (NABL मान्यता प्राप्त एवं FSSAI अनुमोदित)
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राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रुद्रपुर
इन सभी संस्थानों की रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि वितरित किया जा रहा रिफाइंड आयोडीन युक्त नमक पूरी तरह से FSSAI मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता वाला है।
आयुक्त ने बताया कि विभाग जल्द ही निर्माता के कारखाने का निरीक्षण करेगा और आगे भी नियमित अंतराल पर नमूने जांचे जाएंगे ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।
