श्रीनगर गढ़वाल: वीरचंद्र सिंह गढ़वाली आयुर्विज्ञान संस्थान से संबद्ध बेस अस्पताल श्रीकोट में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने औचक निरीक्षण के दौरान स्पष्ट कहा कि अस्पताल में ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, जिससे मरीजों को बाहर रेफर करने की नौबत न आए।
गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए इस अस्पताल में पहुंचते हैं। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना और बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश रावत ने मंत्री को अवगत कराया कि हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) और न्यूरो सर्जन की कमी के कारण गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने देर शाम उपजिला अस्पताल श्रीनगर का भी निरीक्षण किया और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इमरजेंसी विभाग में जर्जर कुर्सियों को देखकर उन्होंने सीएमएस डॉ. विमल गुसाईं को बेहतर फर्नीचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बेस अस्पताल के इमरजेंसी विभाग, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन यूनिट और चिकित्सकों के प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही डॉक्टरों के लिए बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
उपजिला अस्पताल में बाल रोग विभाग, महिला वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। खासतौर पर आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बेस अस्पताल में ढांचागत और चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा, जिससे स्थानीय और बाहरी मरीजों को यहीं बेहतर उपचार मिल सके और रेफरल की स्थिति कम हो।
