यमुनोत्री मंदिर समिति का बड़ा फैसला: ‘धाम में सभी का स्वागत’, गैर सनातनियों पर रुख बाकी धामों से अलग

 

 

 

उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा को लेकर जहां बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है, वहीं यमुनोत्री धाम से एक अलग और चौंकाने वाला निर्णय सामने आया है।

श्री यमुनोत्री मंदिर समिति ने साफ किया है कि धाम में आने वाले हर श्रद्धालु का स्वागत किया जाएगा और परंपरागत यात्रा व्यवस्था में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।

 “धाम की परंपरा में सबका स्वागत”

मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम की यात्रा अनादिकाल से चली आ रही है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं का हमेशा सम्मान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि समिति का मानना है कि धाम में आने वाले लोग सनातन धर्म के अनुयायी ही होते हैं, इसलिए किसी को रोकने का सवाल नहीं उठता।

जिम्मेदारी सरकार की—समिति

समिति ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति पर्यटन के उद्देश्य से आता है या उसकी पहचान को लेकर कोई सवाल है, तो यह पूरी तरह सरकार का विषय है।

उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों का पंजीकरण सरकार द्वारा किया जाता है, ऐसे में यह सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है कि कौन व्यक्ति किस उद्देश्य से धाम में प्रवेश कर रहा है।

अन्य धामों से अलग रुख

यमुनोत्री मंदिर समिति का यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अन्य तीन धामों से जुड़े संगठनों ने गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर सख्ती की बात कही है। ऐसे में यमुनोत्री का यह रुख अलग और संतुलित दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है।

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