देहरादून: उत्तराखण्ड के नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार (23 मार्च) को विधानसभा में अपना कार्यालय संभालते ही कामकाज को लेकर बड़ा संकेत दे दिया। पदभार ग्रहण के दौरान समर्थकों और स्टाफ ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।
मदन कौशिक ने कहा कि अब वे नियमित रूप से कार्यालय में बैठकर विभागीय कामों की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें करेंगे, ताकि योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा जा सके।
आपदा प्रबंधन पर फोकस, 9 महीने का रोडमैप तैयार
कैबिनेट मंत्री को इस बार आपदा प्रबंधन जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसलिए आपदा प्रबंधन हमेशा प्राथमिकता में रहेगा।
उन्होंने बताया कि आने वाले 8 से 9 महीनों के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर जमीनी फीडबैक लिया जाएगा। जरूरत के अनुसार दिशा-निर्देश जारी कर तैयारियों को और मजबूत किया जाएगा।
चारधाम यात्रा और मानसून—डबल चुनौती
कौशिक ने कहा कि जल्द ही चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है और इसी दौरान मानसून भी दस्तक देता है, जिससे हालात कई बार गंभीर हो जाते हैं। ऐसे में सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य के पास आपदा से निपटने का पर्याप्त अनुभव और संसाधन हैं, लेकिन फिर भी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
2027 के लिए हरिद्वार में बड़ा दावा
राजनीतिक मोर्चे पर भी मदन कौशिक ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार जिले में इस बार भाजपा पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा हरिद्वार की सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए संगठन के साथ मिलकर रणनीति तैयार की जाएगी।
इस मौके पर उन्होंने प्रदीप बत्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जिले से दो कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी संगठन को और मजबूती देगी और चुनावी रणनीति को धार मिलेगी।
मदन कौशिक ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया है कि उनका फोकस प्रशासनिक सख्ती और आपदा प्रबंधन की बेहतर तैयारी पर रहेगा। वहीं, 2027 चुनाव को लेकर उनका आक्रामक रुख यह दिखाता है कि भाजपा अब हरिद्वार में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।