‘4 साल बेमिसाल नहीं, बेहाल’: धामी सरकार पर कांग्रेस का तीखा हमला, प्रीतम सिंह ने गिनाईं खामियां

 

 

 

देहरादून: उत्तराखण्ड में धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मौके पर सरकार की उपलब्धियों को लेकर सवाल खड़े करते हुए तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने सरकार के चार साल के कार्यकाल को “बेमिसाल नहीं बल्कि बेहाल” करार दिया। उन्होंने कहा कि बजट का आकार बढ़ने के बावजूद प्रदेश की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है, महंगाई चरम पर है और राज्य की केंद्र पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है।

अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी पर सवाल

प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में आय के स्रोत सीमित होते जा रहे हैं और हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने के दावे कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि रोजगार कार्यालयों में लाखों युवा पंजीकृत हैं।

पलायन और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में हजारों गांव खाली हो चुके हैं और बड़ी संख्या में स्कूल बंद हो गए हैं। पलायन आयोग की सिफारिशों पर अमल न होने को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका कहना है कि पहाड़ों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं, जहां मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा।

आपदा प्रबंधन और वन्यजीव संघर्ष पर निशाना

उन्होंने राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन को विफल बताते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ठोस व्यवस्था नहीं दिख रही। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए प्रभावी नीति के अभाव पर भी सवाल उठाए।

अवैध खनन और नीतियों पर आरोप

प्रीतम सिंह ने सरकार पर अवैध खनन को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि खनन, भू और शराब माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आबकारी नीति को भी कठघरे में खड़ा किया और कहा कि यह आम जनता के हित में नहीं है।



धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर जहां एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं विपक्ष इसे पूरी तरह विफल करार दे रहा है। आने वाले समय में यह सियासी टकराव और तेज होने के संकेत दे रहा है, जिसमें जनता के मुद्दे केंद्र में रहेंगे।

 
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