उत्तरकाशी: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तरकाशी में सदियों पुरानी आस्था और लोकपरंपरा का संगम एक बार फिर सजीव हो उठा, जब प्रसिद्ध माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) पूरे धार्मिक वैभव के साथ शुरू हुआ।
कंडार देवता और हरि महाराज की डोलियों की दिव्य उपस्थिति में, भागीरथी के तट पर आस्था का यह महाकुंभ उतरा, जहां गांव–गांव से आई देवडोलियों, निशानों और ग्रामीण श्रद्धालुओं ने उत्तरकाशी को देवभूमि की जीवंत तस्वीर में बदल दिया।
नदी से देवस्थल तक – आस्था की यात्रा
सुबह भागीरथी में पवित्र स्नान के बाद कंडार देवता, हरि महाराज सहित अनेक लोक देवताओं की डोलियां बाड़ाहाट क्षेत्र स्थित चमाला की चौंरी पहुंचीं। यहां डोली नृत्य, रासो और तांदी की थाप पर पूरी घाटी लोक संस्कृति के रंग में डूब गई। यह वही परंपरा है जो पीढ़ियों से इस मेले की पहचान रही है।
दोपहर बाद रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलन कर माघ मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान घंडियाल देवता, खंडद्वारी देवी, त्रिपुर सुंदरी, नाग देवता और दक्षिण काली समेत अनेक देव शक्तियों की डोलियां भी मेला पंडाल में मौजूद रहीं। त्रृषिराम शिक्षण संस्थान की छात्राओं ने स्वागत गीत और नृत्य से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
“यह लोकआस्था का महाकुंभ है” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने मकर संक्रांति और माघ मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि
“बाबा विश्वनाथ की नगरी और मां भागीरथी की धरती पर यह मेला सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि लोक आस्था का महाकुंभ है। आज से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है और उत्तरकाशी अपनी आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करता है।”
उन्होंने कहा कि एक ओर जहां सांस्कृतिक विरासत सहेजी जा रही है, वहीं उत्तरकाशी तेज़ी से विकास के रास्ते पर भी आगे बढ़ रहा है।
उत्तरकाशी में सड़कों से लेकर स्वास्थ्य तक बड़े काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में
-
₹1000 करोड़ से अधिक की सड़कों का निर्माण व सुधार,
-
₹23 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट,
-
₹46 करोड़ से पुरोला में उपजिला अस्पताल,
-
सिल्क्यारा टनल के ब्रेकथ्रू से गंगोत्री–यमुनोत्री के बीच दूरी में करीब 25 किमी की कमी,
-
यमुनोत्री हेलीपैड, सिंचाई योजनाएं और भटवाड़ी में बाढ़ सुरक्षा कार्य जारी हैं।
उन्होंने कहा कि 13 डिस्ट्रिक्ट – 13 डेस्टिनेशन और वाइब्रेंट विलेज योजना से सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़ा जा रहा है। जादुंग में उत्सव मैदान बन रहा है और जिले में 12 हजार से अधिक ‘लखपति दीदी’ आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।
कानून, सुरक्षा और युवाओं पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून, दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और यूसीसी जैसे फैसलों से देवभूमि की पहचान सुरक्षित की गई है। अब तक 27 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी मिली है और नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया साफ-सुथरी बनी है।
अंकिता भंडारी प्रकरण पर उन्होंने दोहराया कि पीड़िता के परिवार की भावना के अनुरूप सीबीआई जांच कराई गई है और सरकार न्याय के लिए पहले भी खड़ी थी, आगे भी खड़ी रहेगी।
बाबा विश्वनाथ के दर पर शीश नवाया
मुख्यमंत्री ने माघ मेले से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर और शक्ति मंदिर में पूजा-अर्चना की और संतों के आशीर्वचनों पर आधारित शिलापट्टों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आत्मा यहां के संतों, परंपराओं और आध्यात्मिक चेतना में बसती है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।