विंटर टूरिज्म से 12 महीने चलेगा उत्तराखंड का पर्यटन इंजन, उत्तरकाशी से धामी का बड़ा विज़न

 

 

 

उत्तरकाशी: शीतकालीन चारधाम यात्रा और सर्दियों के पर्यटन को नई रफ्तार देने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने उत्तरकाशी से एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का शुभारंभ करते हुए साफ कहा कि अब उत्तराखंड को सिर्फ चार–छह महीने का नहीं, बल्कि पूरे 12 महीने का पर्यटन राज्य बनाना है।

देश के अलग–अलग राज्यों से आए 50 से अधिक टूर ऑपरेटर्स, राज्य और स्थानीय स्तर के सैकड़ों पर्यटन से जुड़े लोग इस कॉनक्लेव में जुटे हैं। इसके जरिए मुखबा (गंगा का शीतकालीन धाम), खरसाली (यमुना का शीतकालीन प्रवास) और सांकरी–केदारकंठा ट्रैक जैसे स्थलों को देशभर में प्रमोट किया जाएगा।

“उत्तराखंड देश का नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन बन सकता है”

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बड़े शहर प्रदूषण, ट्रैफिक और तनाव से जूझ रहे हैं, जबकि उत्तराखंड शांति, प्रकृति और स्वास्थ्य का केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश सिर्फ तीर्थयात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वेलनेस, योग, एडवेंचर, नेचर, कल्चर और सस्टेनेबल टूरिज्म का हब बनेगा।

उन्होंने टूर ऑपरेटर्स से कहा कि किसी भी डेस्टिनेशन को ब्रांड बनाने की ताकत उन्हीं के पास होती है। अगर वे उत्तराखंड को सालभर बेचेंगे, तो पहाड़ खाली नहीं होंगे, होटल बंद नहीं होंगे और युवाओं को पलायन नहीं करना पड़ेगा।

गांव–गांव तक पहुंचेगा पर्यटन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटन का मतलब सिर्फ बड़े होटल नहीं, बल्कि गांव की महिला का होमस्टे भरे, स्थानीय युवा गाइड और टैक्सी चालक बनें, लोक कलाकारों को मंच मिले और किसानों के उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचें — यही सरकार का मॉडल है।

इसी सोच के तहत सरकार ने होमस्टे नीति को सरल बनाया है, महिलाओं को “लखपति दीदी” से जोड़ा है, लोकल गाइड ट्रेनिंग शुरू की है और “वोकल फॉर लोकल” को पर्यटन से जोड़ा है।

पर्यावरण और संस्कृति भी प्राथमिकता

धामी ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण और संस्कृति को नुकसान पहुंचाकर नहीं। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स से अपील की कि अपने पैकेजों में उत्तरकाशी, हर्षिल, मुखबा, नेलांग, चमोली, औली, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, टिहरी और सीमांत गांवों को शामिल करें।

निवेशकों और युवाओं को सीधा संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार कनेक्टिविटी, परमिशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग हर स्तर पर सहयोग दे रही है। उनका लक्ष्य है कि हर गांव को पहचान मिले और हर हाथ को काम।

इस मौके पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिला प्रशासन और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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