टिहरी से धामी का बड़ा संदेश: खेल, संस्कृति और रोजगार से बनेगा आत्मनिर्भर उत्तराखंड

 

 

 

टिहरी गढ़वाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज, छाम में आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में शिरकत करते हुए देवभूमि के सांस्कृतिक गौरव, खेलों के विस्तार और उत्तराखंड के आत्मनिर्भर भविष्य का स्पष्ट रोडमैप पेश किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत पंजीकरण कराने वाले लोगों को प्रमाण-पत्र वितरित किए।

भगवान नागराजा की पवित्र भूमि को नमन करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “ऐसे आयोजन हमारी लोक-संस्कृति और परंपराओं को बचाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया युग शुरू हुआ है।”

उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम के भव्य विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भी हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर सहित कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

टिहरी बनेगा स्पोर्ट्स और एडवेंचर हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को “खेलभूमि” के रूप में विकसित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को विश्व-स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए स्पोर्ट्स अकादमी स्थापित की जा रही है।

टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। झील के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

 रिवर्स पलायन से लेकर लखपति दीदी तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रिवर्स पलायन, स्वरोजगार, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना और आयुष वेलनेस सेक्टर को मजबूत कर गांव-गांव रोजगार पहुंचा रही है। नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूची में उत्तराखंड का पहला स्थान आना राज्य के सुशासन और विकास का प्रमाण है।

सख्त सरकार, सुरक्षित देवभूमि

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू, नकल विरोधी कानून और जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 10 हजार से अधिक सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाया गया है और 6 हजार से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। दंगारोधी कानून के तहत दंगाइयों से एक-एक पैसा वसूला जाएगा।

अंकिता भंडारी केस पर स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्व. अंकिता भंडारी के परिवार के साथ पहले भी थी और आज भी है। एसआईटी की ढाई साल की जांच के बाद तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली। सीबीआई जांच की मांग पर भी सरकार हर स्तर पर सहयोग कर रही है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जताया भरोसा

विधायक प्रीतम सिंह पंवार और किशोर उपाध्याय ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धामी सरकार ने यूसीसी और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक फैसलों से राज्य को नई दिशा दी है।

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